जिंदगी के सफर में बुरे समय में दिलासा देने वाला चाहे अजनबी ही क्यों ना हो वो
दिल में उतर जाता है, और वही बुरे समय में किनारा करने वाला चाहे अपना ही क्यों
ना हो वह दिल से उतर जाता है। जीवन में बुरा वक्त थोड़े समय के लिए ही आता है और
एक वही है जो बताता है कि बुरे वक्त में कौन हाथ पकड़कर भागता है और कौन हाथ छुड़ाकर।
सदैव याद रखिए कि मुंह पर कड़वा बोल देने वाले लोग हमेशा धोखेबाज नहीं होते,
सावधानी तो हमेशा मीठा बोलने वाले और हां में हां मिलाने वाले लोगों से रखनी चाहिए।
जो दिल में सदैव नफरत पैदा करते हैं और जब वक्त आता है तो मौसम की तरह बदल जाते हैं,
आप अच्छा बुरा जो भी कर्म करते हैं उसका सीधा प्रभाव आपके स्वयं की जिंदगी पर पड़ता है।
घमंड और अहंकार के अंदर सबसे बुरी आदत है ये है साहब कि वह कभी आपको यह
महसूस नहीं होने देता कि आप गलत हैं, सच और सभ्यता के अंदर सबसे बड़ी अच्छाई है
कि वह आपको कड़वी भले ही लगती है, लेकिन आपके मान-सम्मान और कर्म पर बुराई का
दाग नहीं लगने देती और जिससे मनुष्य को अपनी हर गलती सुधारने का मौका मिल जाता है।